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पलासी की लड़ाई से पहले बंगाल के आखिरी नवाब सिराजुद्दौला के खिलाफ साज़िश की बात पहले भी कई इतिहासकार लिख चुके हैं. अब एक उम्मीदवार ने यह सवाल उठा कर विवाद पैदा कर दिया है कि उस साज़िश में कौन लोग शामिल थे? उस उम्मीदवार का नाम है अमृता राय. वो पश्चिम बंगाल की कृष्णनगर संसदीय सीट पर भाजपा उम्मीदवार के तौर पर तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा के खिलाफ मैदान में उतरी हैं. उनकी राजनीतिक पारी अभी शुरू ही हुई है. भाजपा उम्मीदवार होने के अलावा उनका एक और परिचय यह है कि वो कृष्णनगर के पूर्व राजपरिवार की बहू हैं. इसी वजह से कई लोग उनको 'रानी मां' कह कर बुलाते हैं. उस राजपरिवार के सबसे मशहूर राजा कृष्णचंद्र राय थे. इस सवाल पर इतिहासकारों की राय बंटी हुई है कि मीर जाफर और जगत सेठ जैसे लोग पलासी की लड़ाई के पहले से ही सिराजुद्दौला को बंगाल की गद्दी से हटाने की जो साज़िश रच रहे थे, उसमें कृष्णचंद्र राय किस हद तक शामिल थे लेकिन चुनाव मैदान में उतरने के फौरन बाद ही अमृता राय ने कहा कि दरअसल कृष्णचंद्र राय सिराज के खिलाफ साज़िश में शामिल होकर अंग्रेजों की सहायता के जरिए सनातन धर्म की रक्षा करना चाहते थे. लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नदिया ज़िले की अपनी चुनावी सभा में अमृता राय को रानी मां या राजमाता कह कर ही सवाल उठाया था. ममता का सवाल था, कहां की राजमाता. इस देश में अब कोई राजा नहीं, सब
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